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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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पर्वतों के मध्य अवस्थित प्राकृतिक मार्ग को दर्रे के नाम से जाना जाता है। अरावली पर्वत में यही दर्रे नाल के नाम से जाने जाते हैं। दक्षिणी अरावली का सर्वाधिक विस्तार होने के कारण राज्य में सर्वाधिक दर्रे दक्षिणी अरावली के राजसमंद जिले में अवस्थित है।
अरावली पर्वतमाला में कई प्राकृतिक दर्रे और नाल पाए जाते हैं। ये दर्रे पर्वतीय क्षेत्रों के बीच आवागमन के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में इनके स्थान और किन क्षेत्रों को जोड़ते हैं से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
अरावली मे सर्वाधिक नाल राजसमंद जिले मे हैं।
सोम मानसी और वाकल फुलवारी की नाल से बहती हैं।
देसूरी की नाल – मेवाड़ को मारवाड़ से जोड़ती है। पाली जिले के अंदर अवस्थित राज्य का सबसे लंबा दर्श सोमेश्वर की नाल – मेवाड़ को मारवाड़ से जोड़ती है। यह एक तंग दर्रा हैजो कि पाली जिले में अवस्थित है।
बर- अजमेर जिले में अवस्थित पाली से ब्यावर को मार्ग प्रदान करता है। ( अजमेर से पाली को मार्ग प्रदान करने के कारण कुछ स्थानों पर पाली जिला उल्लेखित ) सुरा घाट या शिवपुरी घाट अजमेर जिले में अवस्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 8 गुजरता है।
कामलीघाट – राजसमंद जिले में अवस्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 8 यहीं से गुजरता है।
वाकी नाल या पगल्या की नाल – राजसमंद व पाली के मध्य अवस्थित मारवाड़ से मेवाड़ जाने का मार्ग प्रदान करती है।
हाथी हाथी गुढा की नाल – राजसमंद जिले में अवस्थित है।
हाथी की नाल उदयपुर जिले में अवस्थित उदयपुर से ( पिंडवाड़ा ) सिरोही के मध्य मार्ग प्रदान करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 इस मार्ग से गुजरता है।
देबारी की नाल – उदयपुर व चित्तौड़गढ़ के मध्य अवस्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 27 ( पूर्व पश्चिम कॉरिडोर ) इस मार्ग से गुजरता है।
फुलवारी की नाल – उदयपुर जिले में अवस्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को मार्ग प्रदान करती है। केवड़ा – उदयपुर जिले में अवस्थित केवड़ा की नाल उदयपुर राजसमंद के मध्य मार्ग प्रदान करती है।
बैराग नाल – सिरोही के दक्षिणी भाग में अवस्थित माउंट आबू को उदयपुर से जोड़ने का कार्य करती है।
स्थान: राजसमंद क्षेत्र
अरावली क्षेत्र: मेवाड़ की अरावली
महत्व: महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच 1576 में हुए हल्दीघाटी युद्ध के लिए प्रसिद्ध।
हल्दीघाटी अरावली की पहाड़ियों में स्थित एक प्रसिद्ध mountain pass है और राजसमंद तथा पाली जिलों के बीच संपर्क क्षेत्र में आता है। इसका नाम क्षेत्र की पीली मिट्टी के कारण पड़ा।
परीक्षा तथ्य:
👉 अरावली का प्रसिद्ध ऐतिहासिक दर्रा — हल्दीघाटी
स्थान: पाली–राजसमंद क्षेत्र
महत्व: अरावली के दक्षिणी भाग का महत्वपूर्ण दर्रा।
देसूरी की नाल से संबंधित प्रश्नों में इसके द्वारा जुड़े क्षेत्रों और इसकी स्थिति पूछी जाती है। राजस्थान की परीक्षा सामग्री में इसे अरावली के प्रमुख दर्रों में शामिल किया जाता है।
याद रखें:
👉 देसूरी की नाल — पाली–राजसमंद क्षेत्र
गोरमघाट अरावली के दक्षिणी भाग में स्थित महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्गों में से एक है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ी भू-आकृति के लिए भी जाना जाता है।
परीक्षा में:
👉 गोरमघाट को दक्षिणी अरावली के प्रमुख दर्रों के साथ पढ़ें।
स्थान: उदयपुर क्षेत्र
फुलवारी की नाल दक्षिणी अरावली के प्रमुख दर्रों/नालों में शामिल है। राजस्थान की भूगोल परीक्षा सामग्री में इसे उदयपुर क्षेत्र से जोड़ा जाता है।
याद रखें:
👉 फुलवारी की नाल — उदयपुर
स्थान: राजसमंद क्षेत्र
कामली घाट अरावली के दक्षिणी भाग से संबंधित महत्वपूर्ण घाट/दर्रा है और राजस्थान के भूगोल में इसका उल्लेख किया जाता है।
याद रखें:
👉 कामली घाट — राजसमंद
| दर्रा | संबंधित क्षेत्र | महत्वपूर्ण बात |
|---|---|---|
| हल्दीघाटी | राजसमंद–पाली क्षेत्र | हल्दीघाटी युद्ध |
| देसूरी की नाल | पाली–राजसमंद क्षेत्र | दक्षिणी अरावली |
| गोरमघाट | दक्षिणी अरावली | प्रमुख पर्वतीय मार्ग |
| फुलवारी की नाल | उदयपुर | दक्षिणी अरावली |
| कामली घाट | राजसमंद | दक्षिणी अरावली |
अगर परीक्षा से पहले जल्दी Revision करना हो तो इन पाँच को जरूर याद करें:
हल्दीघाटी → देसूरी की नाल → गोरमघाट → फुलवारी की नाल → कामली घाट
प्रश्न 1. हल्दीघाटी दर्रा किस पर्वत श्रृंखला में स्थित है?
A. विंध्य
B. सतपुड़ा
C. अरावली
D. हिमालय
उत्तर: C. अरावली
हल्दीघाटी को राजस्थान पर्यटन भी अरावली Range का mountain pass बताता है।
प्रश्न 2. फुलवारी की नाल किस जिले से संबंधित है?
A. उदयपुर
B. जयपुर
C. अलवर
D. अजमेर
उत्तर: A. उदयपुर
प्रश्न 3. कामली घाट किस क्षेत्र से संबंधित है?
A. राजसमंद
B. बीकानेर
C. जैसलमेर
D. भरतपुर
उत्तर: A. राजसमंद
“हल्दी–देसूरी–गोरम–फुलवारी–कामली”
इन नामों को क्रम से बोलकर याद करें। फिर हर नाम के सामने उसका स्थान और विशेषता जोड़कर Revision करें।
पर्वतो के बीच नीचा एवं तंग रास्ता जो दो ओर के स्थानों को जोड़ता हो उसे दर्रा/नाल कहते हैं। यह निम्नलिखित हैं
1. ढ़ेभर नाल – उदयपुर
2. खमली घाट/ कमली घाट- राजसमन्द
3. फुलवारी की नाल- उदयपुर
4. हाथी नाल- उदयपुर
5. हाथी गुढा की नाल- राजसमंद
6. जीलवा/ चीरवा की नाल- राजसमन्द- पाली
7. केवड़ा की नाल- उदयपुर
8. गोरम घाट- राजसमन्द
9. देसूरी नाल- पाली
10. बर नाल- पाली( बर) – अजमेर( ब्यावर)
11. सूरा नाल- अजमेर