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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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🔶 परिचय मीराबाई मध्यकालीन भारत की महान संत-कवयित्री थीं। वे कृष्णभक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। उनका जीवन केवल एक रानी का जीवन नहीं था, बल्कि त्याग, समर्पण और अटूट भक्ति की अनोखी मिसाल था। राजस्थान की धरती पर जन्मी…
🔶 परिचय दादू दयाल भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक थे। वे निर्गुण भक्ति धारा के समर्थक थे और उन्होंने समाज में फैली ऊँच-नीच, जाति-पांति और आडंबरों का विरोध किया। दादूदयाल का जीवन प्रेम, समानता और ईश्वर-भक्ति का…
🔶 परिचय गुरु जम्भेश्वर, जिन्हें आम बोलचाल में जांभोजी कहा जाता है, राजस्थान के महान संत, समाज सुधारक और पर्यावरण रक्षक माने जाते हैं। वे विश्नोई (बिश्नोई) संप्रदाय के संस्थापक थे। उन्होंने ऐसे नियम दिए जो आज के समय में…
🔶 परिचय देवनारायणजी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में से एक माने जाते हैं। विशेष रूप से गुर्जर समाज में इनकी अत्यधिक श्रद्धा है, परंतु आज इनके प्रति आस्था केवल एक समाज तक सीमित नहीं रही। इन्हें भगवान विष्णु का अवतार…
प्रस्तावना राजस्थान की लोकपरंपरा में मल्लिनाथजी का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल एक वीर शासक नहीं, बल्कि लोकआस्था के ऐसे स्तंभ हैं जिनकी स्मृति आज भी मेलों, भजनों और कथाओं में जीवित है। मारवाड़…
प्रस्तावना राजस्थान की लोकआस्था में तेजाजी का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। गाँवों में जब भी सर्पदंश या किसी संकट की बात आती है, लोग सहज ही कहते हैं—“तेजाजी महाराज रक्षा करेंगे।” वे केवल एक वीर योद्धा नहीं,…
प्रस्तावना राजस्थान की वीरभूमि ने अनेक लोकनायकों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने साहस, त्याग और लोककल्याण से अमर स्थान पाया। पाबूजी उन्हीं लोकदेवताओं में से एक हैं। ग्रामीण समाज में आज भी उनके प्रति अटूट आस्था है। उन्हें गायों…
प्रस्तावना राजस्थान की लोकआस्था में गोगाजी का नाम अत्यंत श्रद्धा से लिया जाता है। गाँव-गाँव में “जाहरवीर गोगा जी” के जयकारे सुनाई देते हैं। वे केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। सांपों…
प्रस्तावना राजस्थान की पावन धरती पर अनेक लोकदेवताओं ने जन्म लिया, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी। उन्हीं में से एक हैं बाबा रामदेवजी, जिन्हें लोग प्रेम से “रामसा पीर” भी कहते हैं। वे केवल एक संत या लोकदेवता ही…
चौहान वंश की 24 शाखाएं “चौहान को वंश उजागर है,जिन जन्म लियो धरि के भुज चारी,बौद्ध मतों को विनास कियो और विप्रन को दिये वेद सुचारी॥” चौहान की कई पीढियों के बाद अजय पाल जी महाराज पैदा हुये जिन्होने आबू…