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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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उद्योग का संबंध उन आर्थिक गतिविधियों से हैं से है, जो कच्चे माल को पक्के माल के रूप में अथवा विक्रय योग्य अवस्था में लाती हैं
कृषि आधारित उद्योग –
खनिज आधारित उद्योग –
खनिज + तकनीक आधारित उद्योग –
सूती वस्त्र उद्योग :-
आधुनिक ढंग से सूती वस्त्र की पहली मिल की स्थापना 1818 ई. में कोलकाता के समीप फोर्ट ग्लोस्टर में की गई थी किंतु यह असफल रही थी सबसे पहला सफल आधुनिक सूती कपड़ा कारखाना 1854 में मुंबई में कवासजी डावर द्वारा खोला गया।
मुंबई को भारत के सूती वस्त्रों की राजधानी के उपनाम से जाना जाता है। कानपुर को उत्तर भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है। कोयंबटूर को दक्षिण भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है। अहमदाबाद को भारत का बोस्टन कहा जाता है।
भारत में प्रथम सफल कारखाना – स्थापना 1854, मुम्बई ( महाराष्ट्र ) कवास जी डाबर द्वारा की गई।
Note – पंजाब का मैनचेस्टर – लुधियाना है।
विश्व में सर्वाधिक सूती वस्त्र का उत्पादन – चीन, भारत में होता है।
भारत में आधुनिक चीनी उद्योग की शुरुआत 1903 में बिहार में पहली चीनी मिल की स्थापना के साथ हुई
(A) सीमेंट उद्योग :
भारत में आधुनिक ढंग से सीमेंट बनाने का पहला कारखाना 1904 में मद्रास में लगाया गया था जो असफल रहा
मद्रास के कारखाने के बाद 1912-13 की अवधि में इंडियन सीमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर कारखाने की स्थापना की गई जिसमें 1914 से उत्पादन प्रारंभ हुआ
जिप्सम + चूना पत्थर + कोयला को 1600-1700℃ पर गर्म कर के फिर पीसकर सीमेंट बनाई जाती है।
सीमेन्ट के प्रकार –
(1) सामान्य सीमेन्ट
(ii) स्लप्न आधारित सिमेंट – रासायनिक उद्योग के अपशिष्ट से बनाई जाती है।
सबसे अधिक सिंदरी (झारखण्ड) में बनाई जाती है।
(iii) स्लैग आधारित सीमेंट – लौह से।
(vi) समुंद्री जीवों पर आधारित – सर्वाधिक – तमिलनाडु में ।
(v) सफेद सीमेन्ट
सामान्य सीमेन्ट –
(ii) स्लज आधारित सीमेन्ट
स्लैग आधारित सीमेन्ट :-
समुंद्री जीवों पर आधारित :-
सफेद सीमेन्ट :-
Note. सर्वाधिक सफेद सीमेन्ट का उत्पादन – राजस्थान में
भारत में एलुमिनियम का पहला कारखाना 1937 में पश्चिम बंगाल के निकट जे. के. नगर में स्थापित किया गया था
भारत के प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी :-
मैद्दूर (तमिलनाडु)
बेलगाँव (कर्नाटक) में चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान स्थापित। भारत Al co द्वारा संचालित ।
Note – इंडाल्को द्वारा संचालित कारखाने –
(ⅰ) मुरी (झारखण्ड)
(ii) बैलूर
(iii) बेलगाँव (कर्नाटक)
(iv) अल्वाया (केरल) AI की चादर बनाई जाती है।
Na Al Co (नालको) द्वारा संचालित ऐल्यूमिनियम के कारखाने :-
दामन – जोड़ी कारखाना (ओड़िशा) –
Note- Na Al Co – National Aluminium Company.
अंगुल कारखाना, धेन कनाल (उड़ीशा) –
झारसा गुढ़ा (झारखण्ड) -J&K कंपनी & वेदान्ता ग्रुप द्वारा संचालित ।
लौहा इस्पात उद्योग – लौहा उत्पादन में भारत का स्थान- चौथा
(ⅰ) प्रथम कारखाना – 1874, कुलटी (W.B.) असफल रहा। इसकी पुनः स्थापन 1889 की गयी – सफल रहा।
(ⅱ) हीरापुर कारखाना – 1908 (W.B.) सफल रहा।
(iii) बर्नपुर कारखाना – 1918 (W.B.) सफल रहा।
Note- तीनों कारखानों का एकिकरण 1936 में जिसका संचा – स्टील कॉरपोरेशन ऑफ बंगाल द्वारा ।
इसका नाम परिवर्तन :- IISCO (Indian Iron steal Company)
नीजी क्षेप्त का प्रथम कारखाना :-
सिमोगो (कर्नाटक) :-
① दुर्गापुरा (प. बंगाल) –
ब्रिटेन की सहायता से
② राऊरकेला (उड़िशा) –
जर्मनी की “कुप डेमाग ” कंपनी द्वारा ।
③ भिलाई (छत्तीसगढ़)
सोवियत संघ रूस की सहायता से।
तीसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान स्थापित लौहा इस्पात उद्योग :-
भारत में रंगीन स्टील बनाने का एकमात्र कारखाना – सलेम (तमिलनाडु)
संचालित कारखाने :-
SAIL के वर्तमान चेयरमैन :- अनिल कुमार चौधरी
Note- बोकारो संयप्त की स्थापना – रूस के सहयोग से ।
नीजी क्षेत्र के लौटा इस्पात उद्योग :
(1) रायगढ़ (MH):-जिंदल कंपनी द्वारा संचालित ।
(2) डोल्वी (MH):- दक्षिणी कोरिया की Posco (पोहान स्टील ) द्वारा संचालित ।
गोपालपुरा उड़ीसा में भी स्थापित किया ।
Note- जिंदल का कारखाना रायगढ़ थ डोल्वी में स्थापित है।
निजी क्षेत्र की कंपनी द्वारा संचालित – राजस्थान में ।
1. भिंवाडी (अलवर) – कहरानी गाँव
सेन्ट गोबेन ग्लास फैक्ट्री”।
फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा संचालित ।
काँच की चादरें बनाई जाती है
(2) बोरानाडा (जोधपुर):-
रिवोन ग्लास फैक्ट्री।
फांस के सहयोग से।
चश्मे बनाये जाते हैं।
Note:-खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्ती या सहकारिता मंत्री- रमेश मीणा
Note :- वर्तमान में सहकारिता मंत्री का स्वतंत्प्त प्रभार – उदयलाल अंजना को ।
(A.) दियासलाई उद्योग
(B.) कागज उद्योग
(C.) रेशम वस्त उद्योग
(D) लाख (लाह) उद्योग
(A) दियासलाई उद्योग :-
प्रथम कारखाना- 1922 में अहमदाबाद सफलता मिली।
दियासलाई निर्माण में उपयोगी सामग्री –
दुसरा कारखाना – कलकत्ता (WB)
हल सर्वाधिक दियासलाई उद्योग का विकास
लाल फास्फोरस – USA & ईरान से मंगाते हैं।
सर्वाधिक कागज निर्माण –
(ⅰ) बांस – (70%)
(ⅱ) सवाई घास (15%)
(ⅰ) टीटागढ़ पेपर मिल्स (W.B.)
(ii) बल्लार पुर (MH.)
भारत में कागज का सर्वाधिक विकास-
(1) West Bengal
(ii) Marashtra.
(ii) Madhya Pradesh.
पहला कागज उद्योग का कारखाना:- 41816-तेजापुर (T. N.) – असफल रहा।
कर्नाटक में कागज विकास ( मैसूर )
(1) बैंगलोर
(ii) तुमकुर
नेपानगर (m.)
रेशम उद्योग
अन्तीम उत्पादक देश – चीन जापान भारत
भारत में रेशम के प्रकार (4)
शहतुती रेशम :-
मूंगा रेशम :-
अरण्डी रेशम :-
(C) लाख उद्द्योग
1. जलयान
2.वायुयान
3. रेलयान
4.ओटोमोबाइल
(A) जलयान :-
(ii) कोच्चि शिपयार्ड लिः – Keral.
Note- विश्व में सर्वाधिक जलयान विकास – जापान
[B.] वायुयान उद्योग :-
सर्वाधिक विकास- (1.) U.S.A.
(2.) फ्रांस (दुलुज / तुलुज)
[1] हिन्दुस्तान एथर नॉटिकल्स लिमिटेड:- 41940, बेंगलुरू (कर्नाटक)
सॉफ्टवेयर उद्योग
1. TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज लिमिटेड)
2. इन्फोसियस
3. विप्रो।
अन्य HMT कारखाने :-
(ⅰ) श्रीनगर (J&K)
(ii) अजमेर – चेकोस्लोवाकिया की सहायता से।
अब पूरी तरह से बंद ।
(iii) इंडियन टेलिफोन इंडस्ट्रीज – 1950, इलाहबाद (U.P.)
(iv) भारत का पहला ओटोमोबाइल उद्द्योग
चेन्नई (TON) (1939).
अन्य ओटोमोबाइल उद्योग
① गुरुग्राम (H.R.)
सर्वाधिक ओटोमोबाइल का विकास हुआ।
② भिंवाडी (अलवर)
राजस्थान का “डेट्रायट “कहते हैं।
③ पीथमपुर (m.p.)
भारत का डेट्रायट कहते हैं।
Note- डेट्राइट – USA. का शहर जहाँ सर्वाधिक ओटोमोबाइल का निर्माण होता है।
(vii) रेल कोच फैक्ट्री :- कपूरथला (पंजाब)
साधारण ६ सवारी याली डिब्बे बनाए जाते हैं।
(vili) मधेपुरा (बिहार):- रेल इंजन बनाए जाते हैं।
( ix) सिमको (CIMMCO) भरतपुर (राज.)
स्थापना – 1957.
CIMMCO-CENTRAL INFRASTRUCTURE MANUFACTURING MANAGEMENT COMPANY.
टीटागढ़ बैंगन फैक्ट्री द्वारा संचालित । 2000 में बंद ,2008 में पुनः प्रारम्भ
Note.- (ⅰ) भारी इंजीनियरिंग उद्योग :- रांची (झारखण्ड)
1958 में प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत स्थापित ।
(2.) HMT (हिन्दुस्तान मशीनरी टूल्स) :- पहलो कारखाना – 1953, बैंगलूरू
आजादी के चाद भारत का प्रथम वायुयान उद्योग- 1950, चितरंजन दास लोको मेटिक वर्क्स, चितरंजन (W.B.) में स्थापित।
इलेक्ट्रिक इंजन बनाए जाते हैं।
1 टीटरागढ़, वैगन लिमिटेड, टीटागढ़ (W.B.) – 1998 में। 4 भारत का
का सबसे बड़ा रेलयान उद्योग। 4 मालगाड़ी के डिब्बे बनाए जाते हैं।
Note-वैगन :- रेलयान के डिल्यों को कहते हैं।
(iv) जमालपुर रेलयान उद्योग (विहार)
4 राजस्थान के रेलयान उद्योग के साथ विकास किया गया।
(४) इंट्रीगल कॉच फैक्ट्री पैराम्बूर (T.N.)
4 स्वीट्जरलैण्ड के सहयोग से 1955 में स्थापित । 4AC काँच बनाए जाते हैं।
(vi) डीजल लोकोमेटिव वर्क्स, वाराणसी (७.९.) स्थान – “मडवाहडीए” 1961 में स्थापित । U-SA. की एल्को कम्पनी की सहायता से । डीजल इंजन बनाए जाते हैं।
[23 कानपुर (USL)
4 डोर्नियर नामक लड़ाकू विमान जो जर्मनी की सहायता से नौ सैना के लिए बनाया गया था।
(3) कोरापुरा (उड़िसा):-
हल्के लड़ाकू इंजन बनाए जाते हैं।
3 पुना (महाराष्ट्र):-
4 स्ट्रिप्स – बनाए जाते हैं।
रेलयान उद्योग :-
4 सर्वप्रथम विकास – ब्रिटेन
①अजमेर (राजः)
भारत का पहला रेलयान उद्योग।
नाम- राजपूताना इंट्रीगल कोच फैक्ट्री।
स्थापना – 1895 में।
राज का पहला रेल इंजन यहीं बना।
Note- भारत का पहला रेल इंजन – फेयरीक्वीन 1855 ई० में बनाया गया जिसकी असेंबलींग मुम्बई में की गई। में इंग्लैण्ड
उद्योगः व्यक्ति अपनी आजीविका को चलाने के लिए जो आर्थिक क्रिया करता है वो उद्योग कहलाते हैं।
माइक्रो, स्मॉल & मिडियम एन्टरप्राइजेज डेवलपमेन्ट एक्ट- 2018.
टर्न ऑवर के आधार पर…
माइक्रो उद्योग रु. 5 करोड़ से कम । 127 स्मॉल उद्योग क. 5 से 75 करोड़ तक।
[3] मिडियम उद्योग 21 75 से 250 करोड़ तक।
[4.] वृहत उद्योग रु. 250 करोड़ से अधिक
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य :-
14 केन्द्रीय टार अनुसंधान केन्द्र रांची (झारखण्ड)
बकरी के बाल की ऊन- पशमीना।
खरगोश के बाल की ऊन- अंगोरा ।
पटसन राष्ट्रीय नीति- 2005. उद्द्देश्य – पटसन को बढ़ावा ।
भारतीय जूर/पटसन निगम – कोलकत्ता (1971) 4 अंतराष्ट्रीय जूट संगठन – ढाका (बांग्लादेश [1984])
FCI – Fartilizers Corporation Limited [1961]
IFFCO-Indian farmer’s fertilizers Limt. [1967]
HFL Hindustan fartilizers limt. [1978]
NFL- National fertilizers limt. [19797
KRIBHCO-Kribhak Bhartiya Corporation Limt. [1980]
CIPET-Centeral Institute of Plastic Inzuring Technology Chennai [19687. ७ यह पेट्रो रसायन को प्रशिक्षण देने का कार्य करता है।
होटानागपुर वृहद औद्योगिक प्रदेश की मुख्य समस्था- समय पर च पर्याप्त माप्ता में कच्चे माल व विद्युत की आपूर्ति न होना।
भण्डारा जिला प्रसिद्ध – रसायन इजीनियरिंग एवं एल्यूमिनियम उद्योग
पाण्डे तथा वाँचू समिति सम्बन्धित है – औद्योगिक रूप से पिछड़े क्षेप्तों की पहचान से ।
औद्योगिक रूप से सर्वाधिक पिछड़े जिलों वाला क्षेत्र- पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी राजस्थान
लौहा इस्पात उद्योग को नियंत्रण मुक्त कर नीजी क्षेत्र को निवेश की पूर्ण छूट – 1992 में ।
राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017.
भारत सरकार द्वारा इसे 3 may 2017 को किया गया।
प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना- 1999 में ।
भारत का वह क्षेप्त जो कुटिर उद्योग रूप में विकसित है विशेष रूप से 4 गुजरात, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान ।
पूर्व का वोस्टन – अहमदाबाद सूती केन्द्र
स्पंज आयरन के उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान – भारत
संयत जो दोषपूर्ण अवस्थिति के कारण लाभान्वित नहीं हो सका IISCO
समेकित कौशल विकास योजना- 5- Bug-2010. (
विश्व में रेशम का सर्वप्रथम प्रचलन – वीन
UNO द्वारा घोषित प्राविधिक नवाचारों का ग्लोबीय केन्द्र – बंगलूरू
ऊन उत्पादक अग्रणी राज्य- राजस्थान ।
भदोही, मिर्जापुर, गोपीगंज – कालीन निर्माण कुटीर उद्योग के लिए प्रसिद्ध ।
प्लास्टिक उद्योग के कच्चे माल प्राप्त होते हैं- तेलशोधन शालाओं से ।
World Trade Statistical Review – 2021 के अनुसार वैश्विक कपड़ा निर्यात के संदर्भ में वर्ष 2020 में चीन शीर्ष स्थान पर बना हुआ है जबकि
भारत 5 वें स्थान पर है