चौहान वंश की 24 शाखाएं

चौहान वंश की 24 शाखाएं

“चौहान को वंश उजागर है,
जिन जन्म लियो धरि के भुज चारी,
बौद्ध मतों को विनास कियो और विप्रन को दिये वेद सुचारी॥”

चौहान की कई पीढियों के बाद अजय पाल जी महाराज पैदा हुये जिन्होने आबू पर्वत छोड कर अजमेर शहर बसाया ,महाराज अजयपाल जी चक्रवर्ती सम्राट हुये। इसी में कई वंश बाद माणिकदेवजू हुये,जिन्होने सांभर झील बनवाई थी।

“सांभर बिन अलोना खाय, माटी बिके यह भेद कहाय”

इनकी बहुत पीढियों के बाद माणिकदेवजू उर्फ़ लाखनदेवजू हुये

इनके चौबीस पुत्र हुये और इन्ही नामो से 24 शाखायें चलीं

चौबीस शाखायें जो इस प्रकार है-

1. मुहुकर्ण जी उजपारिया या उजपालिया चौहान पृथ्वीराज का वंश

2.लालशाह उर्फ़ लालसिंह मदरेचा चौहान जो मद्रास में बसे हैं

3. हरि सिंह जी धधेडा चौहान बुन्देलखंड और सिद्धगढ में बसे है

4. सारदूलजी सोनगरा चौहान जालोर झन्डी ईसानगर मे बसे है

5. भगतराजजी निर्वाण चौहान खंडेला से बिखराव

6. अष्टपाल जी हाडा चौहान कोटा बूंदी गद्दी सरकार से सम्मानित २१ तोपों की सलामी

7.चन्द्रपाल जी भदौरिया चौहान चन्द्रवार भदौरा गांव नौगांव जिला आगरा

8.चौहिल जी चौहिल चौहान नाडौल मारवाड बिखराव हो गया

9. शूरसेन जी देवडा चौहान सिरोही (सम्मानित)

10.सामन्त जी साचौरा चौहान सन्चौर का राज्य टूट गया

11.मौहिल जी मौहिल चौहान मोहिल गढ का राज्य टूट गया

12.खेवराज जी उर्फ़ अंड जी वालेगा चौहान पटल गढ का राज्य टूट गया बिखराव

13. पोहपसेन जी पवैया चौहान पवैया गढ गुजरात

14. मानपाल जी मोरी चौहान चान्दौर गढ की गद्दी

15. राजकुमारजी राजकुमार चौहान बालोरघाट जिला सुल्तानपुर में

16.जसराजजी जैनवार चौहान पटना बिहार गद्दी टूट गयी

17.सहसमल जी वालेसा चौहान मारवाड गद्दी

18.बच्छराजजी बच्छगोत्री चौहान अवध में गद्दी टूटगयी.

19.चन्द्रराजजी चन्द्राणा चौहान अब यह कुल खत्म हो गया है

20. खनगराजजी चौहान झुन्झुनू जो आगे चलकर क्यामखानी बने

21. हर्राजजी जावला चौहान जोहरगढ की गद्दी थे लेकिन टूट गयी.

22.धुजपाल जी गोखा चौहान गढददरेश मे जाकर रहे.

23.किल्लनजी किशाना चौहान किशाना गोत्र के गूजर हुये जो बांदनवाडा अजमेर मे है

24.कनकपाल जी कटैया चौहान सिद्धगढ मे गद्दी (पंजाब)

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