![]()
You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
![]()
You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
दादू दयाल भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक थे। वे निर्गुण भक्ति धारा के समर्थक थे और उन्होंने समाज में फैली ऊँच-नीच, जाति-पांति और आडंबरों का विरोध किया। दादूदयाल का जीवन प्रेम, समानता और ईश्वर-भक्ति का संदेश देता है।
राजस्थान की संत परंपरा में उनका नाम अत्यंत आदर से लिया जाता है।
कहा जाता है कि दादूदयाल बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने साधु-संतों की संगति में रहकर ईश्वर-भक्ति का मार्ग अपनाया।
दादूदयाल बाद में राजस्थान आए और यहाँ उन्होंने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सादगी और सच्चे धर्म का मार्ग बताया।
नारायणा (जयपुर के निकट) उनका प्रमुख निवास स्थान रहा और यहीं उनकी समाधि स्थित है।
दादूदयाल ने “दादू पंथ” की स्थापना की। उनके अनुयायी दादूपंथी कहलाते हैं।
दादू पंथ की विशेषताएँ:
उनकी वाणी सरल और लोकभाषा में थी, जिससे आम लोग भी आसानी से समझ सकें।
दादू वाणी में उनके पद और उपदेश संकलित हैं। यह ग्रंथ दादू पंथ का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है।
दादूदयाल को कबीर और रैदास की परंपरा का संत माना जाता है। उन्होंने सामाजिक सुधार और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया।
उनकी शिक्षाएँ आज भी सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देती हैं।
1. दादूदयाल का जन्म वर्ष है –
A) 1500 ई.
B) 1544 ई.
C) 1600 ई.
D) 1450 ई.
उत्तर: B
2. दादूदयाल का जन्मस्थान है –
A) जयपुर
B) अहमदाबाद
C) जोधपुर
D) अजमेर
उत्तर: B
3. दादूदयाल ने किस पंथ की स्थापना की?
A) नाथ पंथ
B) दादू पंथ
C) वैष्णव पंथ
D) आर्य पंथ
उत्तर: B
4. दादूदयाल की समाधि कहाँ स्थित है?
A) अजमेर
B) नारायणा
C) बीकानेर
D) टोंक
उत्तर: B
5. दादूदयाल किस भक्ति धारा से संबंधित थे?
A) सगुण
B) निर्गुण
C) तांत्रिक
D) शैव
उत्तर: B
उत्तर: 1544 ई.
उत्तर: अहमदाबाद (गुजरात)।
उत्तर: दादू पंथ।
उत्तर: नारायणा (जयपुर के निकट)।
उत्तर: निर्गुण भक्ति धारा।
उत्तर: दादू वाणी।
उत्तर: जाति-पांति और आडंबरों का।
उत्तर: प्रेम और समानता।
उत्तर: नारायणा।
उत्तर: दादूपंथी।