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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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देवनारायणजी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में से एक माने जाते हैं। विशेष रूप से गुर्जर समाज में इनकी अत्यधिक श्रद्धा है, परंतु आज इनके प्रति आस्था केवल एक समाज तक सीमित नहीं रही। इन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और लोककथाओं में इन्हें धर्म, न्याय और पशु-रक्षा का प्रतीक बताया गया है।
राजस्थान के गाँव-गाँव में देवनारायणजी के देवरे (मंदिर) मिलते हैं। ग्रामीण जीवन में इनके भजन, फड़ वाचन और लोकगीत आज भी जीवित परंपरा का हिस्सा हैं।
कहा जाता है कि देवनारायणजी का जन्म चमत्कारी परिस्थितियों में हुआ था। लोककथाओं के अनुसार, वे बचपन से ही अद्भुत शक्ति और दिव्य गुणों से युक्त थे।
लोककथाओं में वर्णित है कि वे अपने नीले घोड़े पर सवार होकर अन्याय का अंत करते थे। ग्रामीण समाज में उन्हें “धर्म रक्षक” के रूप में पूजा जाता है।
राजस्थान की प्रसिद्ध लोकचित्र परंपरा “फड़” में देवनारायणजी के जीवन की कथा चित्रों के माध्यम से दिखाई जाती है।
देवनारायण जी की फड़ राजस्थान की सबसे बड़ी फड़ों में से एक मानी जाती है। भोपे (लोकगायक) रातभर इनकी फड़ का वाचन करते हैं।
देवधाम जोधपुरिया देवनारायणजी का प्रमुख मंदिर है, जहाँ प्रतिवर्ष विशाल मेला लगता है।
1. देवनारायणजी का जन्मस्थान है –
A) नागौर
B) भीलवाड़ा
C) टोंक
D) अजमेर
उत्तर: B
2. देवनारायणजी को किसका अवतार माना जाता है?
A) शिव
B) विष्णु
C) ब्रह्मा
D) गणेश
उत्तर: B
3. देवनारायणजी किस समाज के आराध्य देव हैं?
A) जाट
B) राजपूत
C) गुर्जर
D) भील
उत्तर: C
4. देवनारायणजी के पिता का नाम था –
A) राव भोज
B) सवाई भोज
C) हरिराम
D) तेजपाल
उत्तर: B
5. देवनारायणजी का प्रमुख मंदिर कहाँ है?
A) कोटा
B) टोंक
C) उदयपुर
D) जैसलमेर
उत्तर: B
उत्तर: भगवान विष्णु का अवतार।
उत्तर: मालासेरी डूंगरी, भीलवाड़ा।
उत्तर: गुर्जर समाज।
उत्तर: यह उनके जीवन की कथा को दर्शाने वाली लोकचित्र परंपरा है।
उत्तर: टोंक जिले में।
उत्तर: माघ शुक्ल सप्तमी के आसपास।
उत्तर: सवाई भोज।
उत्तर: नीला घोड़ा।
उत्तर: राजस्थान।
उत्तर: भोपे।