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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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गरीबी क्या है –
गरीबी बुनियादी मानवीय जरूरतों से – भोजन , वस्त्र ,मकान , सुरक्षित पेयजल जा आभाव होना।
गरीबी / निर्धनता से अभिप्राय है जीवन के लिये न्यूनतम उपभोग आवश्यकताओं को प्राप्त करने की अयोग्यता।
इस न्यूनतम आवश्यकताओं में भोजन, वस्त्र, मकान, शिक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी न्यूनतम मानवीय आवश्यकताएँ शामिल होती है।
गरीबी को अक्सर सामाजिक बहिष्कार निर्भरता व समाज में अन्य लोगों जे साथ सार्थक बंधन विकसित करने की क्षमता में कमी के रूप में अनुभव किया जाता हैं।
गरीबी के प्रकार (Types of Poverty)
सापेक्षिक गरीबी (Relative Poverty)
निरपेक्ष/ गरीबी (Absolute Poverty)
भारत में गरीबी से संबंधित सपीतियाँ
लकड़ावाला समिति
सुरेश तेंदुलकर समिति
नीति आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष
अरविद पनगड़िया टास्क फोर्स
सी. रंगाराजन समिति
गरीबी के दुष्परिणाम
निर्धनता उन्मूलन हेतु सरकार द्वारा चलाए गए महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रधानमंत्नी उज्वला योजना
मई 2016 में केंद्र सरकार ने गरीबी रेखा के नींचे रहने वाले परिवारों की महिलाओं को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने वाली ‘प्रधानमंत्री उज्वला योजना’ आरंभ की है।
• प्रधानमंत्नी उज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को एक भरा हुआ गैस सिलेंडर, रेगुलेटर व पाइप मुफ्त में दिया जाएगा।
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना
25 सितंबर, 2014 को भारत सरकार द्वारा गरीब परिवारों के 15-35 वर्षों के ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और उत्पादन क्षमता के विकास पर बल देने के लिए ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ का शुभारंभ किया गया।
इस योजना का उद्देश्य कौशल विकास और अन्य उपायों के माध्यम से आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर ग्रामीण युवाओं के जीवन स्तर में सुधार लाना और उनका समावेशी विकास करना है
इस योजना का क्रियान्वयन ‘ग्रामीण’ विकास मंत्रालय’ द्वारा किया जा रहा है।
दीनदयाल उपाध्याय जत्योदय योजना
25 सितंबर, 2014 को भारत सरकार द्वारा शहरी गरीबों के कौशल विकास हेतु दीनदयाल उपाध्याय शहरी कौशल योजना आरंभ की गई।
• योजना का उद्देश्य, कौशल विकास और अन्य उपायों के माध्यम से अजीविका के अवसरों में वृद्धि कर शहरी गरीबी को कम करना है।
• शहरी क्षेत्रों में इस योजना का कार्यान्वयन केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण
• ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य सभी बेघर परिवारों और कच्चे तथा टूटे-फूटे मकानो में रहने वाले परिवारों को 2022 तक बुनियादी सुविधाओं में युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
• सब के लिये घर के उद्देश्य को पूरा करने के लिये वर्ष 2021-22 तक 2.95 करोड़ आवासों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।
बेरोजगारी
• भारत में बेरोजगारी से संबंधित आँकड़े ‘राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (National Sample Survey Office NSSO) द्वारा जारी किये जाते हैं।
भारत में बेरोजगारी का वर्गीकरण
• भारत में बेरोजगारी को मुख्यतया दो प्रकार से देखे जा सकते हैं –
बेरोजगारी के प्रकार
1. शहरी बेरोजगारी – शहरी क्षेत्रों में मुख्य रूप से दो प्रकार की बेरोजगारी पाई जाती है –
2. औद्योगिक बेरोजगारी – औद्योगिक बेरोजगारी में वे लोग शामिल होते है, जो लोग तकनीकी एवं गैर- तकनीकी रूप से कार्य करने की क्षमता तो रखते हैं, परंतु बेरोजगार है।
3. शिक्षित बेरोजगारी – पढ़े-लिखे लोगों द्वारा रोजार न प्राप्त कर पाना शिक्षित बेरोजगारी कहलाती है अर्थात् ऐसे श्रमिक जिनके शिक्षण-प्रशिक्षण में बड़ी मात्रा में संसाधन उपयोग किये जाते हैं तथा इन श्रमिकों की कार्य दक्षता भी अन्य श्रमिकों से अधिक होती है, ऐसे रोजगार विहीन श्रमिकों को ‘शिक्षित बेरोजगार कहते हैं।
4. ग्रामीण बेरोजगारी – ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यतः दो प्रकार की बेरोजगारी पाई जाती है –
5. प्रच्छन / अदृश्य बेरोजगारी – कृषि क्षेत्र में प्रच्छन्न बेरोजगारी की समस्या अत्यधिक पाई जाती है।
प्रच्छन बेरोजगारी वह है, जिसमें किसी कार्य को करने के लिये जितने श्रमिकों की आवश्यकता होती है, उससे अधिक श्रमिक काम पर लगे हुए होते हैं। ‘अदृश्य बेरोजगार’ उसे कहते हैं।
6. मौसमी बेरोजगारी – एक वर्ष के किसी मौसम या कुछ महीनों के लिये किसी व्यक्ति को रोजगार मिलना तथा शेष महीनों या मौसम में कार्य नहीं मिलना ‘मौसमी बेरोजगारी’ कहलाता है।
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बेरोजगारी अधिक पाई जाती है।