जांभोजी सम्पूर्ण जानकारी गुरु जम्भेश्वर जीवन परिचय, विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक, जांभोजी के 29 नियम, जांभोजी प्रश्न उत्तर

🔶 परिचय

गुरु जम्भेश्वर, जिन्हें आम बोलचाल में जांभोजी कहा जाता है, राजस्थान के महान संत, समाज सुधारक और पर्यावरण रक्षक माने जाते हैं। वे विश्नोई (बिश्नोई) संप्रदाय के संस्थापक थे। उन्होंने ऐसे नियम दिए जो आज के समय में भी प्रकृति संरक्षण का सर्वोत्तम उदाहरण माने जाते हैं।

जांभोजी का जीवन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला रहा।

🔶 जन्म एवं प्रारंभिक जीवन

  • जन्म: 1451 ई.
  • जन्मस्थान: पीपासर गाँव, नागौर (राजस्थान)
  • पिता: लोहारजी पंवार
  • माता: हंसा देवी
  • वंश: पंवार राजपूत

बाल्यकाल से ही जांभोजी गंभीर स्वभाव के थे। कहा जाता है कि वे कम बोलते थे और अधिक चिंतन करते थे। युवावस्था में उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और प्राकृतिक संसाधनों के विनाश को देखा, जिससे उनके मन में सुधार की भावना उत्पन्न हुई।

🔶 विश्नोई संप्रदाय की स्थापना

1485 ई. में जांभोजी ने विश्नोई (बिश्नोई) संप्रदाय की स्थापना की।

“विश्नोई” शब्द का अर्थ है – 29 नियमों का पालन करने वाला
जांभोजी ने 29 नियम बताए, जिनमें प्रमुख हैं:

  • हरे वृक्ष नहीं काटना
  • जीवों की रक्षा करना
  • मांसाहार व नशे से दूर रहना
  • सत्य और सदाचार का पालन करना

आज भी विश्नोई समाज पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

🔶 प्रमुख शिक्षाएँ

  1. प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना।
  2. सत्य, अहिंसा और सदाचार का पालन।
  3. सामाजिक समानता।
  4. स्वच्छता और संयमपूर्ण जीवन।

उनकी शिक्षाएँ आज के पर्यावरण संकट के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

🔶 प्रमुख ग्रंथ

शब्दवाणी जांभोजी की वाणी का संग्रह है। इसमें उनकी शिक्षाएँ और उपदेश संकलित हैं।

🔶 समाधि स्थल

मुकाम (बीकानेर) में जांभोजी की समाधि स्थित है। यहाँ प्रतिवर्ष विशाल मेला आयोजित होता है। यह विश्नोई समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल है।

🔶 ऐतिहासिक महत्व

जांभोजी को भारत के प्रारंभिक पर्यावरणविदों में गिना जाता है।
उनकी प्रेरणा से विश्नोई समाज ने 1730 ई. में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए बलिदान दिया था (खेजड़ली घटना)।

20 Exam Based Objective Questions

1. जांभोजी का जन्म वर्ष है –
A) 1451 ई.
B) 1501 ई.
C) 1526 ई.
D) 1400 ई.
उत्तर: A

2. जांभोजी का जन्मस्थान है –
A) बीकानेर
B) पीपासर
C) जोधपुर
D) अजमेर
उत्तर: B

3. जांभोजी ने किस संप्रदाय की स्थापना की?
A) नाथ
B) विश्नोई
C) वैष्णव
D) आर्य
उत्तर: B

4. विश्नोई शब्द का संबंध कितने नियमों से है?
A) 18
B) 21
C) 29
D) 32
उत्तर: C

5. जांभोजी की समाधि कहाँ है?
A) नागौर
B) बीकानेर
C) टोंक
D) जैसलमेर
उत्तर: B

  1. जांभोजी का वास्तविक नाम क्या था? – गुरु जम्भेश्वर
  2. जांभोजी के पिता का नाम – लोहारजी पंवार
  3. जांभोजी के ग्रंथ का नाम – शब्दवाणी
  4. विश्नोई समाज किस वृक्ष की रक्षा करता है? – खेजड़ी
  5. विश्नोई संप्रदाय की स्थापना कब हुई? – 1485 ई.
  6. जांभोजी का संबंध किस राज्य से है? – राजस्थान
  7. जांभोजी किस शताब्दी में हुए? – 15वीं शताब्दी
  8. जांभोजी किसके प्रतीक माने जाते हैं? – पर्यावरण संरक्षण
  9. मुकाम किस जिले में है? – बीकानेर
  10. जांभोजी का वंश – पंवार
  11. विश्नोई समाज किससे दूर रहने की शिक्षा देता है? – मांसाहार
  12. जांभोजी की माता का नाम – हंसा देवी
  13. खेजड़ली बलिदान किस वर्ष हुआ? – 1730 ई.
  14. जांभोजी ने कितने नियम बताए? – 29
  15. जांभोजी को किस रूप में माना जाता है? – संत व समाज सुधारक

FAQ

Q1. जांभोजी का वास्तविक नाम क्या था?

उत्तर: गुरु जम्भेश्वर।

Q2. जांभोजी का जन्म कब हुआ था?

उत्तर: 1451 ई.

Q3. जांभोजी ने किस संप्रदाय की स्थापना की?

उत्तर: विश्नोई (बिश्नोई) संप्रदाय।

Q4. विश्नोई शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर: 29 नियमों का पालन करने वाला।

Q5. जांभोजी की समाधि कहाँ है?

उत्तर: मुकाम (बीकानेर)।

Q6. जांभोजी किस बात के लिए प्रसिद्ध हैं?

उत्तर: पर्यावरण संरक्षण और समाज सुधार।

Q7. जांभोजी के पिता का नाम क्या था?

उत्तर: लोहारजी पंवार।

Q8. जांभोजी के उपदेश किस ग्रंथ में संकलित हैं?

उत्तर: शब्दवाणी।

Q9. विश्नोई समाज किस वृक्ष की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: खेजड़ी वृक्ष।

Q10. जांभोजी का जन्म किस जिले में हुआ?

उत्तर: नागौर।

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