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You can find notes,question and quiz on various topic in Hindi. India Gk. Notes
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राजस्थान का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविध है। राज्य में पश्चिमी भाग का विशाल थार मरुस्थल, दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक फैली अरावली पर्वतमाला, पूर्वी मैदानी क्षेत्र और दक्षिण-पूर्वी पठारी भू-भाग देखने को मिलता है। धरातलीय बनावट, ऊँचाई, जल निकासी, मिट्टी और जलवायु की विशेषताओं के आधार पर राजस्थान को चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में समझा जाता है।
राजस्थान की भौगोलिक संरचना अत्यंत विविध है। यहाँ एक ओर विशाल थार मरुस्थल है, तो दूसरी ओर प्राचीन अरावली पर्वतमाला, पूर्व में विस्तृत मैदानी क्षेत्र तथा दक्षिण-पूर्व में पठारी भू-भाग मिलता है।
राज्य की धरातलीय संरचना को सामान्यतः चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है—
1️⃣ पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश
2️⃣ अरावली पर्वतीय प्रदेश
3️⃣ पूर्वी मैदानी प्रदेश
4️⃣ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश
राजस्थान की वर्तमान भौतिक बनावट को समझने में अरावली पर्वतमाला की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। अरावली दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है और राज्य के भौगोलिक स्वरूप में स्पष्ट विभाजन उत्पन्न करती है।
पृथ्वी के प्राचीन भूगर्भीय इतिहास को समझाने के लिए अल्फ्रेड वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत का उल्लेख किया जाता है।
इस सिद्धांत के अनुसार प्रारंभिक समय में पृथ्वी पर एक विशाल भू-भाग पैंजिया तथा एक विशाल महासागरीय क्षेत्र पैंथालासा था।
बाद में पैंजिया के विभाजन से उत्तरी भाग अंगारालैंड और दक्षिणी भाग गोंडवानालैंड के रूप में विकसित हुए। इनके बीच स्थित समुद्री क्षेत्र को टेथिस सागर कहा गया।
राजस्थान के भूगर्भीय विकास में इन प्राचीन भू-भागों और समुद्री क्षेत्रों के अवशेषों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
राजस्थान की भूगर्भिक बनावट अत्यंत प्राचीन और विविध है।
यहाँ—
🔹 प्राचीन अरावली पर्वतमाला
🔹 ग्रेनाइट एवं नीस जैसी चट्टानें
🔹 अरावली एवं दिल्ली क्रम की शैलें
🔹 विंध्यन शैल समूह
🔹 पश्चिमी राजस्थान की नवीन जलोढ़ एवं रेतीली परतें
🔹 दक्षिण-पूर्वी पठारी चट्टानें
एक साथ दिखाई देती हैं।
इसी कारण राजस्थान को भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश माना जाता है।
| भूगर्भिक काल | राजस्थान से संबंधित प्रमुख विशेषता |
| प्री-कैम्ब्रियन | अरावली पर्वतमाला एवं प्राचीन शैल समूह |
| कार्बोनिफेरस | कुछ प्राचीन बलुआ पत्थर एवं अन्य शैल संरचनाएँ |
| जुरासिक | जैसलमेर क्षेत्र की जीवाश्मीय संरचनाएँ |
| क्रिटेशियस | दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र से संबंधित संरचनाएँ |
| टर्शियरी | पश्चिमी राजस्थान में तेल एवं प्राकृतिक गैस के निक्षेप |
| प्लीस्टोसीन | पूर्वी मैदान एवं मरुस्थलीय विकास से संबंधित अवसाद |
| क्वाटरनरी | नवीन जलोढ़ एवं रेतीले निक्षेप |
राजस्थान को सामान्यतः चार भौतिक विभागों में बांटा जाता हैः-
पश्चिमी मरूस्थली प्रदेश
अरावली पर्वतीय प्रदेश
पूर्वी मैदानी प्रदेश
दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग

अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में फैला विशाल शुष्क क्षेत्र थार मरुस्थल का प्रमुख भाग है।
इस क्षेत्र में वर्षा कम, तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव तथा रेतीली भूमि प्रमुख विशेषताएँ हैं।
राजस्थान का पश्चिमी भाग सामान्यतः—
🏜️ रेतीले मैदान
🌬️ बालुका स्तूप
🌵 मरुस्थलीय वनस्पति
☀️ शुष्क जलवायु
के लिए जाना जाता है।
राजस्थान सरकार भी राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग को रेतीला एवं अपेक्षाकृत कम उत्पादक बताती है और इसमें थार मरुस्थल को शामिल करती है।
पश्चिमी मरुस्थली क्षेत्र को सामान्यतः चार प्रमुख भागों में समझा जाता है—
यह पश्चिमी राजस्थान का सबसे अधिक शुष्क क्षेत्र है।
इसमें बालुका स्तूपों का विस्तार अधिक है और वर्षा बहुत कम होती है।
मुख्य क्षेत्र: जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, फलौदी आदि के मरुस्थलीय भाग।
यह अपेक्षाकृत अर्द्ध-शुष्क क्षेत्र है।
इसका विकास लूनी नदी और उसकी सहायक नदियों से संबंधित है।
पाली, जालौर तथा आसपास के क्षेत्र इसके प्रमुख भागों में आते हैं।
शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है।
इसके प्रमुख क्षेत्र सीकर, झुंझुनूं और चूरू आदि से जुड़े हैं।
यहाँ अनेक निम्न भूमि वाले रन/नमकीन गर्त पाए जाते हैं।
घग्घर नदी के प्रवाह और बाढ़ से निर्मित मैदानी क्षेत्र को घग्घर का मैदान कहा जाता है।
यह मुख्यतः श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।
इर्ग – विशाल रेतीले मरुस्थली क्षेत्र के लिए प्रयुक्त शब्द।
हम्मादा – मुख्यतः पथरीले मरुस्थली भू-भाग को कहा जाता है।
रैंग – रेतीले और पथरीले दोनों प्रकार के भू-भाग वाला मिश्रित मरुस्थली क्षेत्र।
मरुस्थलीय क्षेत्र में हवा द्वारा रेत के जमाव से बनने वाले टीलों को बालुका स्तूप कहते हैं।
इनके प्रमुख प्रकार हैं—
इनका विस्तार सामान्यतः पवन की दिशा के लगभग समकोण पर होता है।
ये पवन की दिशा के लगभग समानांतर लंबे रूप में विकसित होते हैं।
अर्द्धचंद्राकार आकार के बालुका स्तूपों को बरखान कहा जाता है।
पश्चिमी राजस्थान में सेवण घास महत्वपूर्ण मरुस्थलीय घास है। यह कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी विकसित हो सकती है। RajasthanGyan के संबंधित प्रश्नों में भी सेवण को पश्चिमी राजस्थान के शुष्क क्षेत्र से जोड़ा गया है।
अरावली पर्वतमाला राजस्थान के भौतिक स्वरूप की सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक इकाइयों में से एक है।
यह दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है और राजस्थान के भौगोलिक स्वरूप को दो बड़े भागों में बाँटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राजस्थान सरकार के अनुसार अरावली गुरु शिखर से उत्तर-पूर्व में खेतड़ी की दिशा तक जाती है।
📍 स्थान: माउंट आबू, सिरोही
📏 ऊँचाई: 1,722 मीटर
यह राजस्थान की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
| चोटी | ऊँचाई |
| गुरु शिखर | 1,722 मीटर |
| सेर | 1,597 मीटर |
| दिलवाड़ा | 1,442 मीटर |
| जरगा | 1,431 मीटर |
| अचलगढ़ | 1,380 मीटर |
| कुंभलगढ़ | 1,224 मीटर |
अरावली क्षेत्र को ऊँचाई एवं भौगोलिक स्वरूप के आधार पर तीन भागों में समझा जाता है—
1️⃣ दक्षिणी अरावली
2️⃣ मध्यवर्ती अरावली
3️⃣ उत्तरी-पूर्वी अरावली
यह अरावली का सबसे अधिक ऊँचा एवं पर्वतीय भाग है।
इसके प्रमुख क्षेत्र—
से संबंधित हैं।
यहीं माउंट आबू और गुरु शिखर स्थित हैं।
यह क्षेत्र मुख्यतः अजमेर और ब्यावर के आसपास विस्तृत है।
यहाँ पर्वतीय श्रेणियों के साथ संकरी घाटियाँ और कुछ समतल भू-भाग भी मिलते हैं।
यह क्षेत्र अरावली के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है।
इसके अंतर्गत जयपुर क्षेत्र, दौसा, अलवर तथा आसपास के क्षेत्र आते हैं।
इस भाग में अरावली की पर्वत श्रेणियाँ दक्षिणी भाग की तुलना में अधिक खंडित एवं कम ऊँची दिखाई देती हैं।
अरावली पर्वतमाला के पूर्व में विस्तृत मैदानी भाग को पूर्वी मैदानी प्रदेश कहा जाता है।
यह राजस्थान के अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ क्षेत्रों में शामिल है।
यहाँ नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी का महत्वपूर्ण योगदान है।
🌾 उपजाऊ मैदान
🌊 नदी बेसिन
💧 अपेक्षाकृत अधिक जल उपलब्धता
🌱 कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ
इस क्षेत्र में चंबल, बनास, बाणगंगा आदि नदी तंत्र का प्रभाव दिखाई देता है। RajasthanGyan भी पूर्वी मैदान को नदी बेसिन तथा जलोढ़ निक्षेपों से संबंधित बताता है।
बनास और उसकी सहायक नदियों से विकसित मैदान को इस क्षेत्र के प्रमुख भाग के रूप में समझा जाता है।
प्रमुख नदियाँ—
आदि।
चंबल नदी से संबंधित मैदानी एवं बीहड़ क्षेत्र इसमें शामिल हैं।
कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर के आसपास चंबल का प्रभाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है।
चंबल नदी के कटाव से बने बीहड़ इस क्षेत्र की विशेष पहचान हैं।
यह राजस्थान के दक्षिणी भाग में माही नदी से संबंधित क्षेत्र है।
मुख्य रूप से—
के आसपास इसका विस्तार माना जाता है।
यह क्षेत्र वागड़ नाम से भी प्रसिद्ध है।
बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के बीच स्थित छप्पन ग्राम समूह के कारण इसे छप्पन का मैदान भी कहा जाता है।
राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी भाग पठारी प्रकृति का है।
इसे सामान्यतः दक्षिण-पूर्वी पठार या हाड़ौती का पठार कहा जाता है।
राजस्थान सरकार के अनुसार दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र की ऊँचाई सामान्यतः राज्य के पश्चिमी भाग से अधिक है और यहाँ का धरातल अधिक विविध एवं अपेक्षाकृत उपजाऊ है।
इस क्षेत्र में चंबल नदी और उसकी सहायक नदियों का महत्वपूर्ण प्रभाव है।
दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र का प्रमुख भाग हाड़ौती पठार कहलाता है।
मुख्य क्षेत्र—
कोटा + बूंदी + बारां + झालावाड़
हैं।
यह क्षेत्र कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
यहाँ काली मिट्टी के क्षेत्र भी पाए जाते हैं, जो विशेष रूप से कुछ फसलों के लिए उपयोगी हैं।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में विंध्यन शैल संरचना एवं कगारनुमा धरातल दिखाई देता है।
धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर के कुछ क्षेत्रों को इससे जोड़ा जाता है।
पश्चिमी मरुस्थली क्षेत्र की तुलना में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में वर्षा अधिक होती है।
इसी कारण—
🌾 कृषि
🌳 वनस्पति
💧 जल संसाधन
की स्थिति पश्चिमी राजस्थान से बेहतर रहती है।
| भौतिक प्रदेश | प्रमुख विशेषता |
| 🏜️ पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश | थार मरुस्थल, बालुका स्तूप, शुष्क जलवायु |
| ⛰️ अरावली पर्वतीय प्रदेश | प्राचीन पर्वत श्रेणी, गुरु शिखर |
| 🌾 पूर्वी मैदानी प्रदेश | जलोढ़ मैदान, नदी बेसिन, कृषि |
| 🏞️ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश | हाड़ौती पठार, चंबल बेसिन, अपेक्षाकृत अधिक वर्षा |
राजस्थान का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविध है। राज्य में विशाल थार मरुस्थल से लेकर प्राचीन अरावली पर्वतमाला, विस्तृत पूर्वी मैदान और दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र तक अलग-अलग प्रकार की धरातलीय संरचनाएँ मिलती हैं। भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर राजस्थान को चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है।
🔹 राजस्थान के भौतिक स्वरूप को सामान्यतः चार प्रमुख प्रदेशों में बाँटा जाता है।
🔹 अरावली पर्वतमाला राजस्थान के भौतिक स्वरूप में महत्वपूर्ण प्राकृतिक विभाजन करती है।
🔹 राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर है।
🔹 गुरु शिखर की ऊँचाई 1,722 मीटर है।
🔹 पश्चिमी राजस्थान में थार मरुस्थल स्थित है।
🔹 पश्चिमी मरुस्थली क्षेत्र में बालुका स्तूप प्रमुख धरातलीय आकृति हैं।
🔹 बरखान अर्द्धचंद्राकार बालुका स्तूप होते हैं।
🔹 लूनी-जवाई बेसिन पश्चिमी राजस्थान का महत्वपूर्ण अर्द्धशुष्क क्षेत्र है।
🔹 घग्घर का मैदान मुख्यतः श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।
🔹 पूर्वी मैदानी प्रदेश नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी के कारण कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
🔹 चंबल बेसिन में बीहड़ प्रमुख भौगोलिक विशेषता है।
🔹 दक्षिण-पूर्वी पठार को हाड़ौती क्षेत्र से जोड़ा जाता है।
🔹 हाड़ौती के प्रमुख जिले कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ हैं।
🔹 वागड़ क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान में स्थित है और माही नदी बेसिन से संबंधित है।
🔹 छप्पन का मैदान बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।
1️⃣ राजस्थान को कितने प्रमुख भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है?
उत्तर: चार।
2️⃣ राजस्थान के चार प्रमुख भौतिक प्रदेश कौन-से हैं?
उत्तर: पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदानी प्रदेश तथा दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश।
3️⃣ राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?
उत्तर: गुरु शिखर।
4️⃣ गुरु शिखर की ऊँचाई कितनी है?
उत्तर: 1,722 मीटर।
5️⃣ थार मरुस्थल राजस्थान के किस भाग में स्थित है?
उत्तर: पश्चिमी राजस्थान।
6️⃣ राजस्थान का कौन-सा भौतिक प्रदेश सबसे अधिक शुष्क है?
उत्तर: पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश।
7️⃣ बरखान क्या है?
उत्तर: अर्द्धचंद्राकार बालुका स्तूप।
8️⃣ लूनी-जवाई बेसिन किस भौतिक प्रदेश का उपभाग है?
उत्तर: पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश।
9️⃣ घग्घर का मैदान किन क्षेत्रों में प्रमुख है?
उत्तर: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र।
🔟 राजस्थान का कौन-सा भौतिक प्रदेश कृषि की दृष्टि से अधिक उपजाऊ माना जाता है?
उत्तर: पूर्वी मैदानी प्रदेश।
1️⃣1️⃣ हाड़ौती का पठार राजस्थान के किस भाग में है?
उत्तर: दक्षिण-पूर्वी राजस्थान।
1️⃣2️⃣ हाड़ौती के प्रमुख जिले कौन-से हैं?
उत्तर: कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़।
1️⃣3️⃣ चंबल के बीहड़ किस भौतिक क्षेत्र की प्रमुख विशेषता हैं?
उत्तर: चंबल बेसिन।
1️⃣4️⃣ वागड़ क्षेत्र किस नदी बेसिन से संबंधित है?
उत्तर: माही नदी बेसिन।
1️⃣5️⃣ छप्पन का मैदान किस क्षेत्र से संबंधित है?
उत्तर: बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ क्षेत्र।
1️⃣6️⃣ राजस्थान की अरावली पर्वतमाला किस दिशा में फैली है?
उत्तर: दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व।
1️⃣7️⃣ अरावली की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?
उत्तर: गुरु शिखर।
1️⃣8️⃣ उड़िया का पठार कहाँ स्थित है?
उत्तर: सिरोही क्षेत्र में।
1️⃣9️⃣ राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल में किस प्रकार के स्थलरूप प्रमुख हैं?
उत्तर: बालुका स्तूप एवं रेतीले मैदान।
2️⃣0️⃣ राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पठार की प्रमुख नदी कौन-सी है?
उत्तर: चंबल।