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Brahmand ka Parichay pdf

✦ ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति आज से 13.7 अरब वर्ष पहले बिग बैंग (Big Bang) की घटना से हुई। जिसके प्रतिपादक बेल्जियम के खगोलविद् जॉर्ज लेमेंटेबर थे।

✦ ब्रह्माण्ड के नियमित अध्ययन का आरम्भ क्लॉडियस टॉलेमी द्वारा हुआ। उनका मत था कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड का केन्द्रबिन्दु है तथा सूर्य एवं अन्य ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं।

✦ 1543 ई. में सर्वप्रथम कोपरनिकस (पोलैण्डवासी) ने पृथ्वी के स्थान पर सूर्य को केन्द्र में स्वीकार किया और सौरमण्डल की खोज की।

✦ ब्रह्माण्ड मुख्यतः कई अरब मन्दाकिनी (Galaxy) के सम्मिलन से बनता है और मन्दाकिनी असंख्य तारों का एक विशाल पुंज होता है, जो कि गुरुत्वाकर्षण के द्वारा एक-दूसरे से जुड़ होते हैं, मन्दाकिनी को प्रायद्वीपीय ब्रह्माण्ड भी कहा जाता है।

✦ मन्दाकिनी बहती हुई नदी की भाँति प्रतीत होती है इसलिए • मन्दाकिनी को आकाशगंगा (Milkyway) भी कहते हैं।

✦ हमारी मन्दाकिनी (आकाशगंगा) की आकृति सर्पिलाकार (Spiral) है।

✦ नवीनतम ज्ञात मन्दाकिनी-ड्वार्फ मन्दाकिनी है। ऑरियन नेब्यूला हमारी आकाशगंगा के सबसे शीतल एवं चमकीले तारों का समूह है।

✦ प्रोक्सिमा सेंचुरी सूर्य का सबसे निकटतम तारा है।

✦ आकाशगंगा की निकटतम मन्दाकिनी देवयानी (Andromeda) है, जो 2.2 × 10° प्रकाश वर्ष दूर है।

✦ ब्लैक होल (Black Hole) हमारी आकाशगंगा के केन्द्र में स्थित अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) का वह क्षेत्र है, जो प्रकाश को अपने गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर नहीं जाने देता।

✦ क्वैसर एक खगोलीय चमकीला पिण्ड है, जो अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करता है।

✦ निहारिका (Nebula) अत्यधिक प्रकाशवान आकाशीय पिण्ड हैं, जो गैस एवं धूल कणों से निर्मित हैं। ये निकट स्थित तारों के प्रकाश से चमकती हैं।

✦ पृथ्वी जिस पर हम रहते है, वह सौरमंडल का एक भाग है और सौरमंडल आकाशगंगा का एक भाग है तथा लाखो आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती हैं। ब्रह्मांड के अध्ययन को ‘कॉस्मोलाजी’ कहते हैं।

अवधारणाएँ :- क्लाडियस टॉलमी के जियोसेट्रिक (भूकेद्रित) अवधारणा के अनुसार पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र मे है तथा सूर्य व अन्य ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं।

2) निकोलस कोपरनिकस के ‘हेलियोसेट्रिक’ (सूर्यकेद्रित) अवधारणा के अनुसार ब्रहमांड के केंद्र मे पृथ्वी नही बल्कि सूर्य है पृथ्वी एवं अन्य ग्रह इसकी परिक्रमा करते है। इनको आधुनिक खगोलशास्त्री का जनक कहा जाता है।

3) 1805 में विलियम हर्शेल ने बताया कि पृथ्वी सूर्य व अन्य ग्रह आकाशगंगा का एक अंश मात्र है। एडविन हब्बल ने बताया ब्रहमांड का विस्तार अभी जारी है। हमारी आकाशगंगा की भांति ब्रहमांड में लाखों आकाशगंगाएँ स्थित है।

✦ ब्रह्माण्ड का वैज्ञानिक अध्ययन ब्रह्माण्ड विज्ञान (Cosmology) के अन्तर्गत किया जाता है।

✦ ब्रह्माण्ड आकाशीय पिण्डों की सुव्यवस्था है जिसमें सभी आकाशीय पिण्ड एक निश्चित दूरी पर, एक निश्चित दिशा में तथा प्रायः निश्चित गति से गतिशील पाये जाते हैं।

✦ ब्रह्माण्ड के आकाशीय पिण्डों में तारों, आकाशगंगाओं, ग्रहों, उपग्रहों, अवान्तर ग्रहों तथा उल्कापिण्डों इत्यादि को शामिल किया जाता है। इसका व्यास 10 प्रकाश वर्ष है।

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के विषय में तीन सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया है-

(i) महाविस्फोट सिद्धांत (बिग बैंग सिद्धांत)- इसका प्रतिपादन बेल्जियम के पादरी एवं खगोलशास्त्री George La Maitre के द्वारा किया गया जिसे बाद में Alen Guth (USA) ने विकसित किया।

(ii) सतत् सृष्टि सिद्धांत – इसका प्रतिपादन खगोलशास्त्री गोल्ड एवं हरमन बॉण्डी के द्वारा किया गया।

(iii) संकुचन विमोचन (दोलन) सिद्धांत- इसका प्रतिपादन खगोलशास्त्री डॉ एलन संडेज के द्वारा किया गया।

✦ ब्रह्माण्ड में पाये जाने वाले सभी आकाशीय पिण्डों की विशेषताओं का वैज्ञानिक अध्ययन नक्षत्रशास्त्र/खगोलशास्त्र (Astronomy) में किया जाता है।

✦ आकाशीय पिण्डों का मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन ज्योतिष विज्ञान (Astrology) में किया जाता है।

✦ आकाशीय पिण्डों की भौतिक विशेषताओं का अध्ययन जिस विज्ञान में किया जाता है उसे खगोल भौतिकी (Astrophysics) कहा जाता है

✦ पोलैण्ड के खगोलशास्त्री निकोलस कापरनिकस ने 1543 ई. में सूर्य केन्द्रित (Helio Centric) संकल्पना प्रतिपादित किया।

आकाशगंगा (Galaxy)

✦ ब्रह्माण्ड में पाये जाने वाले तारों के जमाव (पुंज) को आकाशगंगा कहा जाता है।

✦ आकाशगंगा को यूनानी भाषा में Galaxy कहा जाता है।

✦ हमारी आकाशगंगा जिसमें सौर मण्डल स्थित है, उसे मंदाकिनी कहा जाता है।

✦ प्रत्येक आकाशगंगा में 100 अरब से अधिक तारों का जमाव पाया जाता है।

✦ हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी की आकृति सर्पिलाकार (Spiral) है जिसकी तीन भुजाएं पायी जाती हैं।

✦ सूर्य एक तारा है, जो हमारी आकाशगंगा के केंद्र से 32 हजार

✦ प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित है। पृथ्वी से दृश्यमान आकाशगंगा की चमकदार मेहराबयुक्त भुजा को ही ऐरावत पथ/दुधिया मेखला (Milkyway) कहा जाता है।

✦ हमारी आकाशगंगा का निकटवर्ती पड़ोसी आकाशगंगा देवयानी (Andromeda) है।

✦ ब्रह्माण्ड में पाया जाने वाला ड्वार्फ आकाशगंगा नवीनतम् ज्ञात आकाशगंगा है।

✦ तारे ब्रह्माण्ड में पाये जाने वाले चमकदार गैसों के पिण्ड होते हैं। इनमें अपना प्रकाश पाया जाता है

✦ तारों में पायी जाने वाली गैसों में सर्वाधिक 70% मात्रा हाइड्रोजन गैस की होती है। इसके पश्चात् दूसरी महत्त्वपूर्ण गैस हीलियम की मात्रा 26.5% पायी जाती है

✦ पृथ्वी के ध्रुव पर 90° का कोण बनाने वाला तारा ध्रुव तारा (Pole Star) कहलाता है।

✦ तारों का रंग उनकी आयु का सूचक होता है, जो तारा जितना चमकीला होता है उसकी आयु उतनी कम पायी जाती है।

✦ तारे में हाइड्रोजन गैस की हीलियम गैस में संलयन की प्रक्रिया पायी जाती है।

✦ सूर्य युवावस्था का पीला तारा , जिसमें हाइड्रोजन का हीलियम में संलयन हो रहा है।

श्वेत वामन (White dwarf)-लाल दानव तारा, जिसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के लगभग बराबर पाया जाता है, श्वेत वामन में परिवर्तित होता है। इसका वाहा कवच प्रसरित होकर लुप्त हो जाता है तथा केन्द्र अवशिष्ट रहता है। इसी केन्द्र को श्वेत वामन कहते हैं। इसमें हीलियम पाया जाता है

नोवा-सुपरनोवा विस्फोट (Nova-Supernova Explosion) –तारे के बाह्य कवच में होने वाला विस्फोट नोवा तथा सम्पूर्ण वाला विस्फोट सुपरनोवा विस्फोट है

✦ तारे में होने सुपरनोवा विस्फोट से बिखरे न्यूटन युक्त तारीय पदार्थ न्यूट्रॉन (Neutron star है

✦ सुपरनोवा विस्फोट से बिखरे न्यूट्रॉन युक्त तारीय पदार्थ न्यूट्रॉन तारा (Neutron star) कहलाते हैं।

✦ प्रचक्रण या घूमते हुए न्यूट्रान तारा को पल्सर (Pulsar) कहा जाता है। यह प्रकाश गृह की भांति कार्य करता है।

✦ ब्रह्माण्ड में बिखरे अर्द्धतारीय पदार्थ क्वार्सस (Quasars) होते हैं, जिनसे रेडियो तरंगें निकलती हैं।

✦ अमेरिकी भौतिकशास्त्री John Wheeler ने प्रथमतः कृष्ण विवर (Black Hole) शब्द का प्रयोग किया था।

✦ कृष्ण विवर/छिद्र ब्रह्माण्ड में अत्यधिक घनत्व तथा अत्यधिक गुरुत्वाकर्षणीय क्षेत्र है। जहां से प्रकाश की किरणों का परावर्तन नहीं हो पाता है।

✦ हमारे अंतरिक्ष में 88 तारामण्डल हैं।

✦ तारों के समूह तारामण्डलों को राशि (Zodiacs) कहा जाता है, जिनकी संख्या 12 है-मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ और मीन।

सौर मण्डल (Solar System)

✦ सूर्य इसके ग्रह, उपग्रह तथा अवान्तर ग्रह सभी मिलकर सौर मण्डल का निर्माण करते हैं। सौर मण्डल में सूर्य केन्द्रीय सदस्य है। इसके चारों ओर ही ग्रह परिक्रमा करते हैं।

सूर्य/भास्कर (Sun)

✦ सौरमण्डल का केन्द्रीय सदस्य सूर्य पृथ्वी का निकटतम् तारा है।

✦ सूर्य आकाशगंगा मन्दाकिनी की सर्पिलाकार दूसरी भुजा पर स्थित मध्यम आकार तथा मध्यम भार का पीला तारा है।

✦ सूर्य के वायुमंडल को ही वर्णमण्डल (Chromosphere) कहा जाता है। इसका रंग लाल पाया जाता है।

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