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Rajasthan Ki Pramukh Jheel PDF

राजस्थान की झील को दो भागों में विभाजित किया जाता है।
1. खारे पानी की झील
2. मीठे पानी की झील
राज्य में खारे पानी की झीले टेथिस सागर का अवशेष है

खारे पानी की झील

सांभर झील –

यह जयपुर तथा नागौर जिले में स्थित है।
यह भारत की सबसे बड़ी आंतरिक खारे पानी की झील हैमेंथा, रुपनगढ़, खारी व खंडेला नदियों के द्वारा इसमें जल मिलाया जाता है यह बालसन झील है।
सांभर झील से देश के कुल नमक उत्पादन का सात से आठ प्रतिशत नमक प्राप्त किया जाता है।
इस झील की लंबाई लगभग 32 किलोमीटर है।
सांभर साल्ट लिमिटेड जो हिंदुस्तान साल्ट लिमिटेड के अधीन है यहां पर नमक उत्पादन करता है।
सांभर झील से प्राप्त नमक को क्यार के नाम से जाना जाता है रामसर संधि के अंतर्गत 1990 में शामिल की गई थी राजस्थान के सांभर झील तथा घना पक्षी विहार रामसर संधि के अंतर्गत शामिल है।

डीडवाना झील (नागौर)

राजस्थान के नागौर जिले में लगभग 4 वर्ग कि.मीक्षेत्र में फैली इस झील में सोडियम क्लोराइड की बजाय सोडियम स्लफेट प्राप्त होता हैअतः यहां से प्राप्त नमक खाने योग्य नहीं है

राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स के द्वारा यहां पर रासायनिक कारखाना सोडियम सल्फेट उत्पादन के लिए बनाया गया है

पंचभद्रा (बाड़मेर)

राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोत्तरा के पास स्थित हैइस झील का नमक समुद्री झील क नमक से मिलता जुलता है। इस झील से प्राप्त नमक में 98% मात्रा सोडियम क्लोराइड है। अतः यहां से प्राप्त नमक उच्च कोटी है इस झील से खारवाल जाति के मोरली वृक्ष की टहनियों से नमक के स्फटिक तैयार करते है

लूणकरणसर (बीकानेर)

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित यह झील अत्यन्त छोटी है
उत्तरी राजस्थान की एकमात्र खारे पानी की झील है

राजस्थान की मीठे पानी की प्रमुख झीलें-

जयसमंद झील ढेबर झील (उदयपुर)

राजस्थान में मीठे पानी की सबसे बड़ी कृत्रिम झील जयसमंद हैइस झील का निर्माण मेवाड़ के राणा जयसिंह ने गोमती नदी का पानी रोककर (1687-91) कराया गया। इस झील में छोटे-बड़े सात टापू हैइनमें सबसे बड़े टापू का नाम बाबा का भागड़ाहे और उससे छोटे का नाम प्यारी हैइससे सिंचाई के लिए श्यामपुरा तथा भाट नहर निकाली गई है।

फतेहसागर झील (उदयपुर)

उदयपुर जिले में स्थित इस मीठे पानी की झील का निर्माण मेवाड के शासक जयसिंह ने 1678 ईमें करवाया। इसका पुर्निमाण 1889 में महाराजा फतेहसिंह ने करवाया इस झील में एक टापु पर नेहरू उधान दुसरे में सौर वैद्यशाला भी बनी है

पिछोला झील –

इसका निर्माण राणा लाखा के समय लखी बंजारे के द्वारा करवाया गया थाइसमें जग मंदिर जग निवास दो टापु हैं स्वरूप सागर द्वारा यह झील फतेह सागर से जुड़ी हुई है

उदयसागर झील –

यह उदयपुर में स्थित है इसका निर्माण मेवाड के शासक उदयसिंह ने आयड़ नदी के पानी को रोककर करवायाइस झील से निकलने के बाद हि आयड़ का नाम बेड़च हो जाता है

राजसमंद झील (राजसमंद) –

इसका निर्माण मेवाड़ के राजा राजसिंह ने गोमती नदी का पानी रोककर (1662-76) इस झील का निर्माण करवाया गया इस झील का उत्री भाग “नौ चौकी” कहलाता हैयही पर मेवाड़ का पूरा इतिहास संस्कृत में उत्कीर्ण है इसे राज प्रशस्ति कहते है जो की संसार की सबसे बड़ी प्रशस्ति है राज प्रशस्ति अमरकाव्य वंशावली नामक पुस्तक पर आधारित है जिसके लेखक रणछोड़ भट्ट तैलंग है

आनासागर झील (अजमेर) –

अजमेर शहर के मध्य स्थित मुगल शासक जांहगीर ने इसके समीप दौलतबाग का निर्माण करवाया जिसे वर्तमान में सुभाष उद्यान कहते है।
इसके किनारे जहांगीर ने चश्मा-ए-नूर झरना बनवाया।
शाहजहां ने इसी उद्यान में पांच बारहदरी का निर्माण करवाया।

फायसागर झील –

यह अजमेर में स्थित है। इसका निर्माण बाण्डी नदी के पानी को रोककर करवाया गया इसे अंग्रेज इजि. फाय के निर्देशन में बनाया गयाइसका जलस्तर अधिक हो जाने पर इसका पानी आनासागर में भेज दिया जाता है।

पुष्कर झील –

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित हैं।

नक्की झील –

राजस्थान के सिरोही जिले मे माऊंट आबू पर स्थित नक्की झील राजस्थान की सर्वाधिक ऊंचाई पर तथा सबसे गहरी झील है राजस्थान की एक मात्र झील जो सर्दियों में जम जाती है झील का निर्माण ज्वालामुखी उद्भेदन से हुआ अर्थात यह एक प्राकृतिक झील (क्रेटर झील) है।

कोलायत झील (बीकानेर) –

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित इस मीठे पानी की झील के समीप साख्य दर्शन के प्रणेता कपिल मुनि का आश्रम हैइस आश्रम को “राजस्थान का सुन्दर मरूद्यान” भी कहा जाता है

राजस्थान में राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना NLCP)पर्यावरण और वन मंत्रालय शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रदूषित और अवक्रमित झीलों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए 2001 से राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना (एनएलसीपी) लागू कर रहा है। NLCP के प्रमुख उद्देश्यों में स्थायी प्रबंधन और झीलों के संरक्षण के लिए राज्य सरकारों को प्रोत्साहित करना और उनकी सहायता करना शामिल है

राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राजस्थान की 6 झीलों को शामिल किया गया है
1. फतेह सागर, उदयपुर
2. पिछोला, उदयपुर
3. आना सागर, अजमेर
4. पुष्कर, अजमेर
5. नक्कीमाउंट आबू, सिरोही
6. मानसागर झील, जयपुर

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